खैरागढ़ अपडेट- खैरागढ़ बस स्टैंड में खड़ी यात्री बसों से डीजल चोरी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बालोद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में 9 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले दो आरोपी पकड़े जा चुके थे। इस तरह अब तक कुल 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो स्कॉर्पियो वाहन, एक टैंकर, 490 लीटर डीजल, 37 गैलन, मोबाइल फोन और 40 हजार रुपये नकद जब्त किए हैं।

जानकारी के अनुसार, 13 जून की देर रात करीब 2 बजे खैरागढ़ बस स्टैंड में खड़ी पांच यात्री बसों से डीजल चोरी कर आरोपी फरार हो गए थे। घटना के बाद खैरागढ़ पुलिस ने जांच शुरू की और जल्द ही अंतर्राज्यीय गिरोह तक पहुंच गई थी, लेकिन लगातार लोकेशन बदलने के कारण आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर थे। इसी बीच बालोद पुलिस ने मामले की जांच के दौरान पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनसे मिली जानकारी और निशानदेही के आधार पर बाकी आरोपियों को भी धर दबोचा गया।

पूछताछ में आरोपियों ने खैरागढ़ के अलावा कुम्हारी, रायपुर, लाटाबोड़, नेवारीखुर्द, जगतरा, अर्जुन्दा और बालोद जिले के विभिन्न क्षेत्रों में ट्रकों और बसों की टंकियों से डीजल चोरी करने की बात कबूल की है। गिरोह के अधिकांश सदस्य मध्यप्रदेश के शाजापुर और उज्जैन जिले के रहने वाले हैं, जबकि एक आरोपी छत्तीसगढ़ का निवासी है। आरोपी रायपुर के उरला क्षेत्र में ठिकाना बनाकर चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे।

जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह चोरी किए गए डीजल को भिलाई निवासी गणेश साव को औने-पौने दामों में बेचता था। गणेश साव आरोपियों को डीजल निकालने के लिए पाइप और गैलन उपलब्ध कराता था। आरोपी चोरी की वारदातों के लिए कार और स्कॉर्पियो वाहनों का इस्तेमाल करते थे, जिससे उन्हें संदेह से बचने में मदद मिलती थी।

बालोद पुलिस ने सोनू वाल्मीकि, गणेश साव, अरुण फुलेरिया, तुषार माली, राहुल चंदेल, राकेश चंदेल, होकम सिंह मालवी, वीरेंद्र सिंह सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी में इस्तेमाल किए गए वाहनों सहित कुल छह वाहन जब्त किए हैं।

खैरागढ़ थाना प्रभारी अनिल शर्मा ने बताया कि आरोपियों ने खैरागढ़ बस स्टैंड में हुई डीजल चोरी की वारदात कबूल कर ली है। बालोद पुलिस से रिमांड मिलने के बाद आरोपियों को खैरागढ़ लाकर भी पूछताछ की जाएगी, जिससे क्षेत्र में हुई अन्य डीजल चोरी की घटनाओं का भी खुलासा होने की संभावना है। पुलिस का मानना है कि गिरोह लंबे समय से प्रदेश के विभिन्न जिलों में सक्रिय था और कई वारदातों में शामिल रहा है।

