खैरागढ़ अपडेट । विश्व रिकॉर्ड से सम्मानित 54 इंच लंबी पूंछ वाली पूज्य कामधेनु माता "सौम्या" का गुरुवार देर रात 2:27 बजे मनोहर गौशाला, खैरागढ़ में लगभग 23 वर्ष की आयु में संथारापूर्वक देवलोक गमन हो गया। उनके निधन से गौभक्तों, जैन समाज और जीवदया से जुड़े श्रद्धालुओं में शोक की लहर है। अंतिम समय में वे प्रभु वाणी, णमोकार मंत्र एवं भक्तामर स्तोत्र का श्रवण करते हुए शांत भाव से देह त्याग कर गईं।

पूज्य सौम्या माता को उनके जीवनकाल में गौसेवा, करुणा, अहिंसा और जीवदया के प्रतीक के रूप में विशेष सम्मान मिला। उन्हें लगभग 142 जैन साधु-साध्वियों एवं अनेक आचार्य भगवंतों से मांगलिक और णमोकार मंत्र का श्रवण करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इसके अलावा सैकड़ों वैदिक संतों का सान्निध्य भी उन्हें मिला। प्रदेश के तीन राज्यपालों सहित कई विशिष्ट अतिथियों ने उनके दर्शन किए, जबकि पिछले आठ वर्षों में 30 हजार से अधिक श्रद्धालु मनोहर गौशाला पहुंचकर उनके दर्शन कर चुके हैं।

मनोहर गौशाला परिवार के अनुसार श्रद्धालुओं के लिए आज उनके अंतिम दर्शन गौशाला परिसर में उपलब्ध रहेंगे। वहीं दोपहर 12:36 बजे मनोहर गौशाला से उनकी समाधि यात्रा श्रद्धापूर्वक निकाली जाएगी। इसके बाद जीरावला मनोहर जीवदया धाम में विधि-विधान एवं पूर्ण सम्मान के साथ पूज्य कामधेनु माता सौम्या की समाधि दी जाएगी।

मनोहर गौशाला परिवार एवं समस्त जीवदया प्रेमियों ने श्रद्धालुओं से अंतिम दर्शन एवं समाधि यात्रा में शामिल होकर पूज्य सौम्या माता को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करने की अपील की है। उनके निधन को गौसेवा और जीवदया के क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया गया है। ॐ शान्तिः। जय गौ माता।

