खैरागढ़ अपडेट/खुमेश रजक–जिले के छुईखदान क्षेत्र में रविवार रात तेज रफ्तार का ऐसा खौफनाक मंजर देखने को मिला, जिसने इलाके के लोगों को दहला दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक तेज रफ्तार थार ने पहले बाइक सवार को टक्कर मारी और इसके बाद बाइक वाहन के अगले हिस्से में फंस गई। हैरानी की बात यह रही कि चालक ने वाहन रोकने के बजाय बाइक को करीब 4 किलोमीटर तक घसीटते हुए दौड़ाता रहा।

घटना के दौरान सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बाइक घिसटने से सड़क पर चिंगारियां निकलती रहीं और आसपास मौजूद लोग भयभीत होकर किनारे हटते रहे। कई राहगीरों ने समय रहते खुद को बचाया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, लोगों ने थार चालक को कई बार वाहन रोकने का इशारा किया, लेकिन वह लगातार आगे बढ़ता रहा। करीब चार किलोमीटर बाद वाहन रुका, तब तक बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। घटना के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।

मिली जानकारी के मुताबिक, भिलाई निवासी चार युवक थार से छुईखदान स्थित छिंदारी बांध घूमने आए थे। घूमने के बाद चारों वापस भिलाई लौट रहे थे। इसी दौरान खैरागढ़-छुईखदान मार्ग पर यह हादसा हो गया।बताया जा रहा है कि ग्राम कटोरी खोलवा, जिला कबीरधाम निवासी मिथलेश कुमार अपने ससुराल ग्राम भुलाटोला से बाइक पर सवार होकर अपने गांव लौट रहा था। इसी दौरान सामने से आ रही तेज रफ्तार थार ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी।

टक्कर के बाद बाइक थार में फंस गई और करीब चार किलोमीटर तक घिसटती रही। घटना के दौरान मार्ग से गुजर रहे कई राहगीर भी थार की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए। हादसे के बाद घायल मिथलेश कुमार को छुईखदान अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है।

हादसे की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। क्षतिग्रस्त बाइक और थार की स्थिति से हादसे की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है और उन्होंने तेज रफ्तार एवं लापरवाह वाहन चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई, चालक की लापरवाही थी या कोई अन्य कारण, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

लगातार बढ़ते सड़क हादसे एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर रहे हैं कि तेज रफ्तार और लापरवाही पर प्रभावी नियंत्रण कब लगेगा। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगा सकती है।

