खैरागढ़ अपडेट/खुमेश रजक– जिला पंचायत क्षेत्र जालबांधा के ग्राम राहुद में मजदूर दिवस के अवसर पर एक विशेष और सार्थक आयोजन किया गया। इस दौरान देश के श्रमवीरों और श्रमिकों के सम्मान में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजन ‘बोरे बासी’ का सामूहिक भोज रखा गया, जिसमें मुख्य रूप से जालबांधा जिला पंचायत क्षेत्र की सदस्य सुश्री शताक्षी देवव्रत सिंह शामिल हुईं।
बोरे बासी भोज: एक सांस्कृतिक और स्वास्थ्यवर्धक पहल
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, आमजन एवं जनप्रतिनिधि शामिल हुए। गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए आम के अचार के साथ बोरे बासी का सेवन किया गया, जिससे उपस्थित लोगों को ठंडक और ताजगी का अनुभव हुआ। आयोजकों ने बताया कि यह पारंपरिक भोजन न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह आयोजन श्रमिकों के प्रति सम्मान व्यक्त करने और स्थानीय परंपराओं को बढ़ावा देने का एक अनूठा प्रयास था।
शताक्षी सिंह का संदेश और श्रमिकों का सम्मान
इस अवसर पर शताक्षी देवव्रत सिंह ने अपने संबोधन में कहा:
"श्रमिक हमारे देश की असली ताकत हैं और उनके सम्मान में इस तरह के आयोजन समाज को एकजुट करने का काम करते हैं।"
उन्होंने श्रमिकों के अथक परिश्रम और देश के विकास में उनके योगदान को सराहा। यह आयोजन सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
विश्व मजदूर दिवस की शुभकामनाएं
कार्यक्रम के अंत में, सभी उपस्थित लोगों को विश्व मजदूर दिवस की शुभकामनाएं दी गईं, जिससे इस विशेष दिन का महत्व और भी गहरा हो गया।
मुख्य बातें: खैरागढ़ के राहुद में मजदूर दिवस पर 'बोरे बासी' भोज का आयोजन हुआ। जिला पंचायत सदस्य शताक्षी देवव्रत सिंह ने श्रमिकों के सम्मान में भाग लिया। यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ की संस्कृति और श्रमवीरों के योगदान को रेखांकित करता है।

